Computer and Computer Systems

Computer के बारे में सभी लोग जानते हैं, Computer आज का आधार एवं सर्वाधिक उपयोग किए जाने वाली वस्तु बन गया है ।आज के समय में लगभग सभी के पास Laptop या Computer है । अगर आप Computer and Computer System क्या है ? और कंप्यूटर के कितने प्रकार के होते है ? इन प्रश्नों का उत्तर जानने के इच्छुक है, तो आप पढ़ते रहिये आपको इसमें पूर्ण ज्ञान देने का प्रयास गया है । 

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img. Computer & types of computer systems

What is Computer System?

कंप्यूटर एक Electronics machine है, जो कंप्यूटर, Programming की मदद से संचालित होती है । कंप्यूटर को संचालित करने के लिए Sets या Instruction के माध्यम से Airthmetical और Logical Operation की मदद से संचालित की जाती है। कंप्यूटर को संचालित करने के लिए कुछ सामान्य Sets का पालन करने की आवश्यकता होती है, जिन्हें Program कहां जाता है।

यह प्रोग्राम कंप्यूटर को अत्याधिक काम करने में सक्षम बनाती है। Computer system एक Electronic Circuit के ऊपर काम करता है ।

कंप्यूटर का उपयोग विभिन्न प्रकार के उद्योग, ऑफिस, कमर्शियल , पर्सनल एंड पब्लिक यूजर्स के लिए किया जा रहा है । कंप्यूटर का उपयोग इंडस्ट्रियल डिजाइनर, कारखानों के Automation में किया जा रहा है। कंप्यूटर का उपयोग सभी क्षेत्र वृहद रूप में किया जा रहा है । कंप्यूटर के माध्यम से हम इंटरनेट से जुड़ पाते है। 

Motherboard, Monitor, CPU, GPU, Storage Devices, RAM, Power Supply ,Input और Output Devices से मिलकर बना हुआ है।

Types of Computer System

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, इसमें  Analog Signals और Digital signals का उपयोग किया जाता है। कंप्यूटर को अनेक तरीके से बांटा जा सकता है, पर हम आपको कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओ को ही समझाने का प्रयास करेंगे । Computer को मुख्यतः Mechanism, Purpose, Function और Usage के तौर पर बांटा गया।  

Mechanism of Computer Systems

Mechanism तरह के कंप्यूटर Signals के ऊपर काम करते है |इसीलिए इसे signals के आधार पर बांटा गया है, Signals दो प्रकार के होते है, Analog Signal और Digital signals । 

Analog Computer: –

जो कंप्यूटर Continuous Signal पर काम करते है उन्हें “Analog Computer” कहते है । Analog कंप्यूटर का उपयोग Physical properties को Measurement के लिए किया जाता है ।

इस कंप्यूटर में Analog Signal की Value ग्राफ के रूप में दिखाई देती थी । Slow Speed और Low memory के वजह से Analog Computer का उपयोग करने से परेशानियां होती थी। 

 इन कंप्यूटर का प्रयोग विशिष्ठ कामो के लिए किया जाता था । इसमें Analog Signals के data को स्टोर नही किया जा सकता है। Analog Computer का पहली बार दूसरे विश्व के 1940 में हुआ था । इसमें  Digital signal का उपयोग नहीं किया जाता है । Analog Computer के उदाहरण – Slide Rule Computer , Harmonic Analyser Computer .

Digital Computer : –

इस कंप्यूटर में Digital Signal का उपयोग किया जाता है ।जो कंप्यूटर Discrete Signal पर काम करते है उन्हें Digital Computer कहते है । इस कंप्यूटर में Discrete Signal  की value Numerical के रूप में दिखाई जाती है । यह Digital Signal के साथ arithmetical और logical signal से  संचालन करता है । इनकी values 0 या 1 में होती है । उनकी स्थिति ON(1) या OFF(0) में होती है ।

          Digital Computer के Discrete Signal को स्टोर किया जा सकता है । इसमें Data highly accurate और reliable होने के वजह से Fast काम करते है। इन कंप्यूटरों का उपयोग मल्टीटास्किंग के लिए किया जा सकता है।

Hybrid Computer: –

Hybrid Computer में Analog Signal एवं Digital Signal का उपयोग किया जाता है । इसमें  Continuous और Discrete Data को एक साथ काम में ला सकते है ।  Hybrid Computer Analog और Digital Computer की तुलना में ज्यादा अच्छे पाए जाते हैं । यह कंप्यूटर अपने Data का Transfer Analog Signal से Digital Signal और DIgital signals से  Analog Signal किया जाता है। 

ज्यादातर हाइब्रिड कंप्यूटर हॉस्पिटल के आईसीयू में, Jet Plane ,एवं किसी data को Analysis करने के लिए किया जाता है ।  

जो कंप्यूटर Continuous Signal और Discrete Signal पर काम करते है उन्हें Hybrid Computer कहते है । 

Purpose Classification of Computer Systems

कंप्यूटर की शक्ति को बढाने को उसके आकार को भी बढ़ाना आवशक है | Cpu, GPU, Power Supply, Ram आदि को बढ़ाने पर Computer की शक्ति भी बढती रहेगी |

इसीलिए कंप्यूटर के Classification को Size के आधार पर बांटा गया है। इसी वजह से कंप्यूटर की क्षमता के अनुसार काम मे लिया जाता है।

Super computers: –

आप सभी ने Super computers के बारे में सुना ही होगा । Super computers एक से अधिक कंप्यूटर को मिलकर बनाया जाता है | इन Computers की शक्ति अधिक होने के कारण आकार में वृद्धि होती है। 

इन कंप्यूटर को Specific Task को करने के लिए बनाया जाता है । Supercomputers के आकर में बहुत बड़े होते है। इसे चलाने के लिए Multi Operator को उपयोग में लाया जाता है। 

Supercomputers में लगे Components और Hardware अधिक मात्रा में लगाया जाता है, Supercomputers महंगे होते है। इसमें डाटा को Large scale में काम में लाया जाता है, इसीलिए बहुत बड़े मात्रा में Storage Memory लगायी जाती है । 

दुनिया का पहला 1975 में बना था,  जिसका नाम  “CRAY” है । इस Supercomputers को “Cray Research Organization” के द्वारा बनाया गया । एवं भारत का पहला सुपर कंप्यूटर “PARAM 8000” है, जिसे 1987 में C-DACT(Centre for Development of Advanced Computing Technology) के द्वार बनाया गया ।

Supercomputers की गति को “FLOPS [Floating Point Operation Per Second ]” में मापा जाता है, इसकी Calculate unit “MIPS ( Million Instructions Per Second )” है।

Main frame Computer: –

Mainframe Computer का उपयोग Servers , Workstation बनाने के लिए किया जाता है। ये Computers Powerful एवं Multitasking होते है । यह आकार में बड़े तो होते है, पर Super Computer से छोटे होते है । 

Mainframe Computer की गति अधिक होती है, परन्तु Super Computer से कम होती है । ये कंप्यूटर Multiprocessor [ Parallel connected ] होते है, जिससे Multiple Users उपयोग कर सकते है। 

Mainframe Computer server के माध्यम से अनेको Client को जोड़ सकते है, जिससे कारण इन Storage memory भी अधिक होती है । Mainframe Computer का उपयोग Banking Sector, Websites Hosting etc. कामों के लिए किया जाता है । 

Mainframe Computer को सर्वप्रथम IBM [International Business Machines Corporation] ने 1952 में बनाया गया था, जिसका नाम UNIVAC – 1 [UNIVersal Automatic Computer I] है । Super Computer और Mainframe computer की गति नापने के लिए “MIPS ( Million Instructions Per Second )” का ही उपयोग किया जाता है।

Micro Computers: –

दैनिक जीवन में हम Home PC या Laptop का उपयोग किया जाता है, ये सारे कंप्यूटर Micro Computer के अंतर्गत आते है । इन कंप्यूटर को Client computer भी कहा जाता है, जो server से connected होते है ।

 Micro Computer को सर्वप्रथम IBM [International Business Machines Corporation] के द्वारा बनाया गया था, जिसका नाम ALTAIR – 8800 है । Micro Computer की गति नापने के लिए “Hz ( Hertz )” का उपयोग किया जाता है।

Mini Computers: –

Mini Computer  का आकार एवं Storage Memory क्षमता Micro Computer से ज्यादा और Main फ्रेम कंप्यूटर से कम होती है।

इसका उपयोग फिजिकल प्रोसेस, डेकोरेट ,मेजरमेंट लेकर जाता है, इसका उपयोग हॉस्पिटल गया था| पहला पहला मिनी कंप्यूटर पीडीपी प्रोग्रामेबल डाटा प्रोसेस है जिसे डीसी डिस्प्लेसमेंट कंपैरिजन ने बनवाया था

-: Function of Computer System :-

Server & Workstations: –

हम सभी ने Server और Workstations के बारे में सुने है, और हमें दोनों एक ही लगते हैं परंतु ऐसा नहीं है, दोनों अलग-अलग है । 

Clients किसी server से connected रहेते है । server के द्वारा दी गई Services को Clients तक पहुचाने का कार्य करते है। इसे Client-Server Architecture भी कहा जाता है ।

 Server में Clients को Services देने के लिए Free BSD, Windows Servers, Linux etc.. Operating Systems को उपयोग में लाया जाता है । इन server का उपयोग Intranet, web server , Ftp server, Application server etc. ला सकते है,

          जहा Processor, Graphics Card, Ram का उपयोग अधिक किया जाता है, वहा Workstation को उपयोग में लाया जाता है। इन Workstation  का उपयोग 3D Design, Video Editing, Business, Multi Media production, Gaming Design etc. के छेत्र में किया जाता है। इनमे GUI [graphical user interface] को install किया जा सकता है ।

Embedded Computers: –

Embedded Computer एक प्रकार का Computer system होते हैं । यह एक ऐसा Computer system है,  जिसे किसी अन्य डिवाइस के साथ integrate किया जा सकता है।  Embedded Computer system में Computer Processor, Computer memory और Input/ output Devices को मिल कर बनाया जाता है। इसे किसी Specific Function या Specific Operation के लिए किया जाता है।

हमने क्या सिखा ?

इस आर्टिकल में हम पढ़े है, कंप्यूटर क्या है एवं उसके कितने प्रकार होते है । अगर कुछ Dout या Queries है तो हमें comment कर सकते हो, हम उसका जवाब जल्द से जल्द देने की कोशिश करेंगे ।

Thank you !

ithamu

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