Computer Networking Types & Network Architecture

Technology और Internet को समजने से पहले Network को समझना जरुरी है, Computer Network को समझे बिना बड़े नेटवर्क जिसे हम Internet कहते है, उसे समझना मुश्किल होगा, तो पूरा पढ़ के समझिये की Computer Network क्या है, इससे इन्टरनेट कैसे बन गया और छोटे छोटे नेटवर्क मिलकर एक बड़ा नेटवर्क कैसे बनाया जाता है ।

Computer Networking
# Computer Networking

What is Computer Networking ?

दो या दो से अधिक कंप्यूटर के कनेक्शन को Computer Network कहा जाता है । जिसका उद्देश्य कंप्यूटर के Resorces या Data को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करना है। 

आज के समय में इंटरनेट से कनेक्शन करना ही कंप्यूटर का मुख्य उद्देश्य हो गया है। क्योंकि इंटरनेट के माध्यम से ही रिसोर्सेज का शेयर सबसे ज्यादा हो रहा है । इसके अलावा प्रिंटर शेयरिंग और फाइल के ट्रांसफर में भी गति आयी है। इंटरनेट भी कंप्यूटर नेटवर्क का सबसे बड़ा उदाहरण है।

 Computer Networks में कंप्यूटर को Node कहा जाता है, कंप्यूटर नेटवर्क में Ethernet Cables, Fiber Optical Cable, WIFI और  Radio Waves के जैसे Wired या Wireless Technology के माध्यम से कंप्यूटर एक दूसरे से कनेक्टेड किया जा सकता है।

Computer Network Types

Network का उपयोग हमें हर जगह देखने को मिल जाता है, क्युकी इसी की माध्यम से हम बड़े नेटवर्क इंटरनेट का लुफ्त उठा रहे है. नेटवर्क को Geographical Area के मदत से  भागो में बाँटा गया है, Network को मुख्यतः अनेकों भागों से विभाजित किया जा सकता है ।

  • Local area network [LAN]
  • Wide area network [WAN]
  • Metropolitan area network [MAN]
  • Personal Area Network[PAN]
  • Virtual Private Network [VPN]
  • Campus Area Network [CAN]
  • Enterprise Private Network [EPN]
  • Home Private Network [HPN]
  • Storage Area Network[SAN]

इन सभी Network को area को ध्यान में देखते हुए उपयोग किया जाता है । जैसे की किसि office के अन्दर Local Area Network का उपयोग किया जाता है एवं उसको Internet के Connection के माध्यम से Wide Area Network से जोड़ दिया जाता है ।

उसी प्रकार बड़ी Company के Personal एवं Public के डाटा जैसे Google, Facebook, Microsoft etc. ने Data Centre तैयार किये जिसमे Storage Area Network की जरुरत पड़ती है ।

Computer Networking Cables and Connectors

Network Devices के बिच में Communications के अलग अलग नेटवर्क, Topology और length अनुसार Cables को उपयोग में लाया जाता है, इन Communications में उपयोग होने वाले   Network Media कहा जाता है, इन्हें मुख्यतः दो भागों में बाटा गया है।
1. Guided Media (Wired)

2. Unguided Media (Wireless)

1. Guided Media (Wired): –

       Guided Media को Wired media भी कहा जाता है, नेटवर्क के शुरुवाती समय में Wired media की भूमिका महत्वपूर्ण है, Guided Media को मुख्यतः तीन भागो में बांटा गया है 

i. Coaxial Cables,

ii. Twist Pair Cable,

iii. Fibre optics Cables

i. Coaxial Cables:-

Coaxial Cables एक तरह की electrical केबल की तरह होती है. Inner Core कॉपर Material की बनी होती है, जिसे “Main Shield” कहा जाता है । इस Inner Core को Conducting shield की सहायता से isolate की जाती है । इसे हम टेबल की मदत से समझने का प्रयास करेंगे ।

Show Table_1.1

1.Inner Core

ये “Copper Wire “ की बनी होती है, जिसे “Main Shield” कहा  जाता है, जिसमें Electric Field Travel करती है.

2.Plastic isolate

Inner Core को Plastic Shield से  isolate की जाती है

3.Foil Shield

Silver Wallpaper की Foil Shield चढ़ा दी जाती है,  जिससे की Copper Wire की आइसोलेशन बनी रहे 

4.Braided Shield

 Wallpaper के बाद जाली दार वायर्स के साथ protect की जाती है 

5. Outer Wrapper

ये सबसे अंतिम लेयर होता है, जिसे Outer Layer कहा  जाता है, इससे Core और layers को plastic से cover कर के protectकर दिया जाता है ।

Coaxial Cables में BNC [British Novel Connector] उपयोग में लाया जाता है.

Coaxial Cables दो प्रकार के होते है, 

  1. Thin Coaxial Cables,
  2. Thick Coaxial Cables.

ii. Twist Pair Cable: –

Twist Pair Cable में 8 wires होती है, सभी Wire के रंग भिन्न होते है । प्रत्येक 2 Wire एक दुसरे से Twist किये हुए होते है, ये मुखतः दो प्रकार के होते है |
i. Shield Twist Pair Cable [STP]Ii. Unshielded Twist Pair Cable [UTP]

>> Shield Twist Pair Cable [STP]: –

Shield Twist Pair Cable में 8 Wire होते है, और प्रत्येक 2 wire एक दुसरे से Twist किये होते है, इसलिए इसमें 4 Twist Pair Wire होते है, और प्रत्येक Twist Pair एक Silver Wallpaper की सहायता से isolated की जाती है । और इन्ही 4 Shield Twist Pair Cable को Plastics से Protect कर दी जाती है. 

                STP cable Pairs को भी isolate किये जाने के वजह से इनकी Quality अच्छी होती है । इसमें 150 Ohm की impedance होती है, जिसकी लंबाई अधिकतम 90 मीटर होती है, और इसका उपयोग मुख्य रूप से Network Designing में किया जाता है। धातु पन्नी के उपयोग के माध्यम से, विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप को पूरी तरह से रद्द करता है, जिससे Data के transfer गति को बनाये रखता है ।

>> Unshielded Twist Pair Cable [UTP]: –

Unshielded Twist Pair Cable,  STP के तरह ही है , अंतर सिर्फ Twist Pair को Silver Wallpaper की मदद से Isolate नही की जाती है।और STP के तरह ही इन्हें भी  4 Shield Twist Pair Cable को Plastics से Protect कर दी जाती है. 

यह सस्ती होती है और यह घर एवं ऑफिस में आसानी से फिट हो जाती है । इसमें धातु पन्नी नहीं होती है, इसके वजह से इनका आकर छोटी होती है और इसे आसानी से मैंटेनस की जा सकती है,

Unshielded Twist Pair Cable की कुछ Category होती है,  जैसे 

iii. Fiber optics Cables: –

Fiber Optics Cable का उपयोग Long Range के लिए किया जाता है।  Fiber Optics Cable डाटा को Fast और Reliable तरीके से ले जाता । जिसके वजह से इस WAN नेटवर्क में उपयोग किया जाता है।

Fiber Optics Cable के वजह से आज हम इतनी तीव्र गति से internet का आनन्द ले पा रहे है. Wan Connection के द्वारा ही पूरी दुनिया के Network एक दुसरे से connected है। 

Fiber Optics Cables में Laser Signals का उपयोग किया जाता है, इसी वजह से Fiber Optics Cables का Speed अधिक होता है ।

Computer Networking Architecture

Network Architecture के सिधांत पर computer Network को Design किया जाता है । Network को Design करने के लिए Physical Components का प्रयोग किया जाता है ।

Network Architecture को Logical रुपरेखा के आधार पर Physical रूप से Design किया जाता है । अच्छी Communications के लिए विभिन्न प्रकार के Protocols का उपयोग किया जाता है । 

Computer Networking, Computer Network Architecture
Img. Computer Network Architecture

Network Architecture के माध्यम से Computers को कैसे व्यवस्थित करना और Computers के मध्य कार्यो का आवंटन किया जाता है । Network Architecture को फिजिकल और लॉजिकल नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए । इसे दो भागो में विभाजित किया गया है ।.
1. Peer to Peer Network [P2P] .
2. Client / Server Network .

1. Peer to Peer Network [P2P] :-

दो या दो से अधिक कंप्यूटर एक दूसरे से कनेक्टेड होते हैं, जिसमे  Information का आदान-प्रदान समान अनुमतियों और जिम्मेदारियों के साथ जोड़ा जाता है । Information के आदान प्रदान के लिए Server की आवश्यकता नही पड़ती है बल्कि किसी भी Devices (Like switch ) का उपयोग किया जा सकता है।  Peer to Peer [P2P] नेटवर्क छोटे नेटवर्क जैसे LAN, MAN . etc में उपयोग किया जाता है ।  

            यह सस्ता नेटवर्क होता है, क्योंकि इसमें कोई सर्वर नहीं होता है।यदि कोई एक कंप्यूटर काम करना बंद कर दे, तो दूसरे कंप्यूटर पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है । P2P नेटवर्क को Setup और maintance करना आसन होता है।  

P2P नेटवर्क में किसी भी computer system को आसानी से जोड़ा जा सकता है।  इस नेटवर्क में centralized server नहीं होने के वजह से डाटा की सुरक्षा में समस्या आ जाती है ।  क्योकि इसमें कम्प्यूटर्स को समान अनुमतियों के साथ जुड़े होते है । 

इस नेटवर्क को एक घर या छोटे से ऑफिस में डिज़ाइन किया जाता है , जिसमे एक switch के माध्यम से computers को जोड़ कर data का आदान प्रदान तीव्र गति के किया जाता है । 

2. Client/ Server Network :

Computer  Systems और सारे Devices किसी एक Server या Internet से connected होते है । Server के द्वारा दिए गये Resorces एवं Information की सेवाओ को client Systems को दिए जाते है ।इसे Client / Server Architecture कहते है।  

Server के माध्यम से Clients को विभिन्न प्रकार के services दिए जाते है, जैसे File Server, Web Server, Print Server आदि . Servers में विभिन्न प्रकार के Protocols और Informations की सुरक्षा प्रदान करता है।

इस Architecture को P2P Architecture से अधिक सुरक्षित माना जाता है । इसी लिये दुसरे Architecture से अधिक महंगे और सुरक्षित होते है । बड़े नेटवर्क को डिजाईन करने के लिए Client / Server Architecture का उपयोग किया जाता है । आज के समय में इसी  Architecture का उपयोग सर्वाधित किया जाता है ।

हम लोगों ने इस आर्टिकल में Network के सभी हिस्सों को बताने की कोशिश की है। नेटवर्क की परिभाषा , नेटवर्क के प्रकार , नेटवर्क Architecture एवं नेटवर्क में प्रयोग होने वाले केबल को जाना है । अगर आप लोगो को किसी अन्य विषय के बारे में जानना है एवं इस Article में किसी भी प्रकार का प्रश्न पूछना है, तो आप सभी हमें comment कर सकते हो, हम उसका जवाब जल्द से जल्द देने की कोशिश करेंगे ।
Thank you !

ithamu

rdhfggkk  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!