Basic of Computer in Hindi

आज दैनिक जीवन के हर क्षेत्र में Computer ने अपनी जगह बनाने में सफलता प्राप्त कर ली है । संचार क्रांति में प्रतिदिन प्रगति करने में Computer तकनीक की विशेष भूमिका है ।

Computer की सहायता से हम एक नगर से दूसरे नगर अथवा एक देश से दूसरे देश में अपने संदेश ई-मेल की सहायता से कुछ ही क्षणों में प्रेषित करने में सक्षम है। विश्व के किसी भी कोने से हम अपना इच्छित वस्तुएं इंटरनेट के माध्यम से खरीदे या बेचने में सक्षम हो गए हैं । इसलिए वर्तमान युग को Computer का युग कहा जाने लगा है।

आजकल फिल्म ,निर्माण ,उद्योग ,शोध ,यातायात नियंत्रण और अंतरिक्ष जगत का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जिसमें Computer की आवश्यकता महसूस ना की जा रही हो।

Computer ‘शब्द लैटिन भाषा के ‘Computare’ शब्द से बना है। जिसका अर्थ है – ‘ गणना करना ‘ परंतु कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ computer ‘ शब्द की उत्पत्ति ‘compute’ से हुई है । सामान्य दोनों का शाब्दिक अर्थ है – ‘गणना करने वाला ‘ । दूसरे शब्दों में, Computer एक ऐसी मशीन है, जो गणना करती है या गणनाओं को करने में हमारी सहायता करती है

हालांकि आजकल Computer का जो रूप प्रचलित है उसमें गणना अथवा ( जोड़ ,घटा, गुणा, भाग ) रजिस्टर करना Computer द्वारा किए जाने वाले बहुत से कार्यों का एक छोटा सा भाग है , लेकिन प्रारंभ में Computer की कल्पना और विकास एक ऐसे यंत्र के रूप में की गई थी जो तीव्र गति से गणना कर सके।

Computer Means
img. Computer Means

Computer क्या है?

Computer एक स्वचालित तथा निर्देशों के अनुसार कार्य करने वाली ‘Electronics Device‘ है । जिसमें डाटा का आदान-प्रदान अथवा प्रदर्शित करने की क्षमता होती है। इस डिवाइस द्वारा प्राप्त डाटा का प्रयोग करते हुए , किसी प्रोग्राम के निर्देशों के अनुसार गणितीय तार्किक अथवा मैनिपुलेटिव क्रियाओं को करते हुए सूचनाओं को विभिन्न निश्चित रूप से प्रदर्शित किया जा सकता है।

प्रत्येक Computer के मुख्य 5 भाग होते हैं।

इनपूट- आउटपुट यूनिट [ Input – Output Unit ]

1 – इनपुट यूनिट [Input Unit]

2 – आउटपुट यूनिट [Output Unit]

सेंट्रल प्रोसेसिंग युनिट (Central processing unit – CPU):-

3 – मैमोरी युनिट [Memory Unit]

4 – गणितीय एवं तार्किक युनिट [Arithmetical & Logical unit]

5 – कण्ट्रोल युनिट [Control Unit]

Parts of computer system
img. Parts_of _Computer

Input – Output Unit क्या है

Computer के इनपुट और आउटपुट के साधनों का महत्वपूर्ण स्थान है, जो कि उपयोगकर्ताओं का सीधा संबंध इन्हीं उपकरणों से होता है और इन्हीं के माध्यम से वह Computer से अपना कार्य कराता है।

Input Unit का कार्य यह है कि, वह अपनी भाषाओं में उन्हें जो भी डाटा या आदेश आदेश देते हैं वे उसे Binary Code में बदलकर Computer (अर्थात सी.पी.यू.)  में भेज देते हैं ।

इसी प्रकार Output Unit Computer का अभिन्न अंग है, Computer के CPU से प्राप्त होने वाले परिणामों को जो Binary Code में होते हैं। हमारे लिए उचित संकेतों या भाषा तथा चित्रों में बदल कर हमें उपलब्ध कराते हैं ।

Input Unit  द्वारा मुख्य कार्य किए जाते हैं, जैसे कि –

1.यूज़र द्वारा डाटा तथा निर्देशों को प्राप्त करना ।

2.निर्देशों तथा डाटा को Computer द्वारा स्वीकार किए जाने वाले ग्रुप में बदलना ।

3.यूजर द्वारा प्राप्त डाटा प्रोसेसिंग के लिए Computer को उपलब्ध कराना ।

इसी प्रकार Computer साधन द्वारा मुख्य कार्य किए जाते हैं ,जो निम्नलिखित है –

1. कंप्यूटर द्वारा प्राप्त परिणामों को स्वीकार करना, जो बाइनरी कोड होता है।

2. Computer द्वारा प्राप्त परिणामों को सेकेंडरी स्टोरेज यूनिट में स्टोर करना।

3. Computer द्वारा प्राप्त परिणामों को युवक द्वारा पढ़ लिया समझने योग्य रूप में बदलना।

इनपुट आउटपुट के साधनों को इतना सरल बनाया जाता है, कि कोई भी उपयोग करता, उसका बिना किसी कठिनाई के उपयोग कर सकें । ये साधन हमारी आवश्यकतानुसार कई प्रकार के होते हैं ।

आधुनिक Computer के कीबोर्ड ,माउस, टै्कबाँल, जाँयसिटक, लाइटपैन , स्कैनर , आंपिटकल रीडर आदि इनपुट के प्रचलित साधन है तथा मॉनीटर ,प्रिंटर ,ग्राफ प्लॉटर ,स्पीकर आदि आउटपुट के प्रचलित साधन है ।

Central Processing Unit – CPU क्या है?

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट अर्थात CPU को ही एक computer कहते है, इसके बिना कंप्यूटर एक नाम मात्र है , इसे कंप्यूटर का मस्तिष्क या ह्रदय कहते है , जिसके मदत से कंप्यूटर के सभी कार्यो को संपन्न किया जाता है |

इनपुट-आउटपुट के उपकरण तो केवल Computer से हमारा संबंध जोड़ने का कार्य करते हैं। पी.सी.(PC) या माइक्रो Computer के सी.पी.यू.के एक छोटा सा माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor) होता है।अन्य बड़े Computer में एक से अधिक माइक्रोप्रोसेसर हो सकते है ।

CPU के मुख्य कार्य निम्न है –

1.निर्देशों तथा डाटा को मुख्य मेमोरी में रजिस्टर में स्थानांतरित करना।

2. निर्देशों को क्रमिक रूप से क्रियान्वयन करना।

3.आवश्यकता पड़ने पर आउटपुट डाटा को रजिस्टर के मुख्य मैमोरी मैं स्थानांतरित करना।

Central Processing Unit 3 मुख्य भागों में से मिलकर बनती है –

Memory Unit क्या है?

इसे आंतरिक या मुख्य मेमोरी भी कहा जाता है ।यह सीपीयू से सीधे जुड़े होती है। इसका अर्थ यह है कि सी.पी.यू. इसमें स्टोर किए गए निर्देशों को लगातार बढ़ता रहता है ,और इसका पालन करता रहता है।

Computer का कार्यकारी संग्रह है, इसमें डाटा सूचना और प्रोग्राम प्रक्रिया के समय स्थित रहते हैं , और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपलब्ध होते हैं ,इस मेमोरी में संग्रह के लिए अनेक स्थान होते हैं , जिसकी संख्या निश्चित होती है जो मेमोरी का कार्य या मेमोरी की क्षमता कहलाती है,- जैसे 256 kb, 512 Mb, 1GB ,2 GB, 4GB प्रत्येक स्थान का एक एड्रेस होता है Computer के मुख्य मेमोरी दो प्रकार की होती है उसका विवरण निम्नवत है –

i. Random Access Memory ( RAM) :-

यह वास्तव में रिड या राइट मैमोरी होता है।ऐसी चिप जिसमें डेटा का पठन एवं लेखन दोनों संभव होते हैं। यह Computer की अस्थाई मेमोरी होती है अर्थात इसमें डाटा अस्थाई रूप से संग्रहित रहता है।

Computer बंद होने या विद्युत आपूर्ति बंद होने बंद हो जाने पर RAM  में संग्रहित डाटा समाप्त हो जाता है, यदि कारण है कि इसे अस्थाई मैमोरी भी कहा जाता है। इसमें कीबोर्ड या अन्य किसी इनपुट साधन से स्वीकार किया गया डाटा, प्रक्रिया से पहले संग्रहित होता है जिसे सी.पी.यू. द्वारा आवश्यकतानुसार प्राप्त कर लिया जाता है ।

ii. Read only Memory :-

यह मेमोरी केवल डेटा का पठन (Reading)कर सकती है ।अतः यह स्थाई मेमोरी होती है जिसमें Computer निर्माण के समय ही प्रोग्राम संग्रहित कर दिए जाते हैं , इस मेमोरी में संग्रहित प्रोग्राम बदलता या नष्ट नहीं किया जा सकता ।

जब हम Computer को स्विच ऑन कर के सक्रिय करते हैं  तब ROM मे  Computer निर्माण के समय स्थाई रूप से संग्रहित प्रोग्राम सवत् ही क्रियान्वित होते  हो जाते हैं।  यह प्रोग्राम Computer से जुड़े सभी उपकरणों को जांच कर उन्हें सक्रिय अवस्था में लाते हैं ROM में उपस्थित यह प्रोग्राम ( BIOS- Basic Output system ) हैं, रूम एक सेमी कंडक्टर चिप होता है जिसमें प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर संग्रहित रहते हैं।

Arithmetical and Logical unit क्या है?

यह इकाई CPU के लिए शब्द प्रकार के अंकगणितीय क्रियाएं -जैसे कि( जोड़, घटाव, गुणा ,तथा भाग ) और तुलनाएं (दो संख्याओं में यह  बताना कि कौन-सी छोटी या बड़ी है या दोनों बराबर है ) करनी है  ।

यह एक इलेक्ट्रॉनिक परिपथ से मिलकर बनी होती है ,परिपथ में मिलकर बनी होती है ,जिनमें एक ओर से कोई दो संख्याएं भेजने पर और दूसरी और उनका योग अंतर, गुणनफल, भागफल,  तुलनात्मक गणन्ना ( जैसे- <, >, =, <, =, >, = )इसमें  सारी क्रियाएं बाइनरी पद्धति में की जाती है ।

प्राप्त होने वाले संख्याऔ तथा क्रियाओं के  परिणामों को अस्थाई रूप से स्टोर करने या रखने के लिए इसमें कई विशेष बाइट्स (bytes) होते हैं ,जिसे रजिस्टर(Register) कहा जाता है।

Control unit क्या है?

इस भाग का कार्य बहुत महत्वपूर्ण होता है । यह  Computer के सभी भागों के कार्य पर नजर रखता है और उनमें परस्पर तालमेल बैठाने के लिए उचित आदेश भेजता है ।

इसका सबसे महत्वपूर्ण और पहला कार्य यह है कि हम जिस प्रोग्राम का पालन करना चाहते हैं ,यह उसे मेमोरी में से क्रमशः पढ़कर उसका विश्लेषण करता है और उसे पालन करता है।

उदाहरण , मेमोरी को आदेश दिया जा सकता है ,कि वह कुछ डाटा को किसी विशेष स्थान पर स्टोर कर दिया,  वहां से पढ़कर ए.एल.यू.में भेज दे ।Computer के सभी भागों को सामंजस्य बनाकर प्रोग्रामो का सही रूप से पालन करना इस यूनिट की जिम्मेदारी है।

ithamu

rdhfggkk  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!